ना हार तू , ना डर तू
बस सपनों में रख विश्वास तू
कर्म त्याग और समर्पण से ना डर तू
बस आलस परित्याग किए जा तू।
अनजाने में हुई चूक से ना घबरा तू
बस याद रख गिरकर भी खड़ा हो जा तू
समस्याओं को रास्तों से निकाल फेंक
चट्टान भी आये रास्तों में तो उछाल फेंक।
कोशिश जारी रख कुछ कर गुजरने की
और रख हिम्मत तूफानों से टकराने की
जो पाना है बस उसकी पागलों-सी चाहत रख
करता रह कर्म और साथ रख विश्वास तू।
ताकत जुटा और हिम्मत को आग दे
कोशिश कर हल निकलेगा आज नहीं तो कल निकलेगा
फिर देख तू किस्मत क्या रंग दिखलाएगी
और तुझको तेरी मंजिल मिल जायेगी।